Tuesday, 22 December 2015

CHADDYBUDDY



मेरे बहुत ही अज़ीज़ दोस्त...या फिर भाई ही कहना सही होगा....  राजू " को जन्मदिन की ढ़ेरों मुबारकबाद देना चाहूँगा.. भुले बिसरे दोस्त की तरफ से मुबारकबाद कबुल किजिए...
भारत त्योहारो का देश हैं ... मेरा हमारा सबसे मनपसंद त्यौहार है .. राजू  का जन्म दिवस हैं .. जो हर साल २२ दिसंबर  को मनाया जाता हैं ..
राज कुकरेजा जी  हमारे साथ तब से हैं जब पेंट भी नहीं पहनते थे
सही guess किया राजू हमारे CHADDYBUDDY हैं  ..
एक आदर्श बालक की तरह  ज़िन्दगी में अपने मम्मी पापा की खुशियो को मुख्या रखते हुए सब कुछ किया हैं ..मेरे पास कुछ लफ्ज़ रहते हैं जो आज तुम्हारे लिए कहना चाहूंगा | smile emoticon
स्कूल के दोस्तों की बात करूँ तो खुशकिस्मत हूँ के साथ अभी तक बना हैं और आगे भी बना रहे | चाहे दोस्त आज मीलों दूर हैं पर फिर भी लिख के बात कर लेता हूँ , किसी इंसान से मैं बहुत प्रभावित होता हूँ तो दिल से लिखना पसंद करता हूँ |
हर कोई अपनी ज़िन्दगी का हीरो खुद होता हैं |
हर इंसान में भगवान होता हैं अगर ज़िन्दगी के पिछले कुछ सालो को गिनु तो हर बार तेरे लिए दुआ निकलती हैं
ज़िन्दगी में हम कितने रिश्ते बनाते हैं दोस्त .
पर कुछ रिश्ते हमेशा ज़िन्दगी के साथ चलते हैं |
कहते हैं स्कूल कॉलेज की दोस्ती सिर्फ गेट तक होती है ..
ज़िन्दगी की कश्मकश में सिर्फ पास रहते हैं तो वो होते हैं : BIRTHDAY REMINDER या मशीनो में पड़े कुछ नाम और पते
भाई चाहे जो भी करता हैं ..आप से ज्यादा ख़ुशी हमें होती है ..
एक दोस्त की कोई परिभाषा हमसे मांगे तोह हम ज़वाब देंगे - साहिल कुकरेजा .....
लोग कहते हैं जब इंसान पे आफत आती हैं लोगो को भगवान याद आता हैं...
हमारी ज़िन्दगी में आफत बाद में आती हैं ...उससे पहले भाई जान  आते हैं .
 साहिल कुकरेजा !!!!!!!!
छोटी छोटी शरारतें हो या बड़े से बड़े कांड- भागीदारी में सबने बराबर साथ निभाया हैं ...
वक्त की यारी तो हर कोई करता है पर मैं चाहे इनसे चाहे कितना भी दूर हूँ पर ऐसा लगता हैं कहीं न कहीं ऐसा एक शख्स हैं  - कुछ भी हो जाए संभल लेगा |
..सचिन नागपाल और राजू ज़िन्दगी के दो हीरे .... इन दो लोगो की वजह से हममे ये ज़िन्दगी को मस्तमौला अंदाज़ में जीने का गुर सीखा हैं ..

 साहिल कुकरेजा जी हमें तुम  तुम पर बोहत बोहत अहंकार है ,,....
जन्म दिन की बोहत बोहत मुबारकबाद ...
और भाई बाकी बातचीत मिल के बतयाते हैं
तुम्हारा प्यारा दोस्त पंकज शर्मा

No comments:

तारीफ़

"ਤਨ ਦੇ ਪਰਦੇ ਪਿੱਛੇ ਮਨ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਕੀ ਕਰਦਾ ਹੈਂ, ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਜਾਣਦਾ" तेरी जीत लिखूं या अपनी हार लिखूं उसकी नफ़रत लिखूं या अपना प्यार लिखूं.....