Sunday, 26 July 2015

छुपे छुपे से रहते हैं सरेआम नहीं हुआकरते..... कुछ रिश्ते बस "एहसास" होते हैंउनके नाम नहीं हुआ करते...!! लिखते नहीं , बयां करतेहैं...|~Qissey-e-Ehsaas~~pankaj sharma

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तारीफ़

"ਤਨ ਦੇ ਪਰਦੇ ਪਿੱਛੇ ਮਨ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਕੀ ਕਰਦਾ ਹੈਂ, ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਜਾਣਦਾ" तेरी जीत लिखूं या अपनी हार लिखूं उसकी नफ़रत लिखूं या अपना प्यार लिखूं.....