Dil nhio lagda ... Pta nhi ki ho gya
Sabh kuch kol hai, Pta nhi ki kho gya..http://pankajsharmaqissey.blogspot.in/
Sabh kuch kol hai, Pta nhi ki kho gya..http://pankajsharmaqissey.blogspot.in/
मेरी रचनाएं अक्सर यथार्थ व कल्पना का मिश्रण व प्रतिबिम्ब होती हैं और ये आवश्यक नहीं कि वो मेरी व्यक्तिगत जीवन की घटनायें ही हों | हमारे साथियो की तरह आप भी हमें - लेखक, विचारक , ब्लॉगर , क़ाबिल बेरोज़गार, भारतीय, सीधा साधा ,बातूनी , चंट, चालाक ,चटपटा, चटोरा ,पागल कह सकते हैं ...| एक बार qissey पढ़कर देखिये बाकी मर्जी के मालिक आप है| रंगमच मेरी एकलौती मोहब्बत है |
"ਤਨ ਦੇ ਪਰਦੇ ਪਿੱਛੇ ਮਨ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਕੀ ਕਰਦਾ ਹੈਂ, ਕੋਈ ਨਹੀਂ ਜਾਣਦਾ" तेरी जीत लिखूं या अपनी हार लिखूं उसकी नफ़रत लिखूं या अपना प्यार लिखूं.....
No comments:
Post a Comment